

₹3.40 लाख की मदद से बढ़ाया कपड़ों और कॉस्मेटिक का कारोबार, हर महीने कमा रहीं ₹15 से 20 हजार।
चंपावत। ग्रामोत्थान परियोजना (REAP) ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हो रही है। चंपावत जनपद के ग्राम चौड़ासेठी की सुनीता सेठी ने इस परियोजना की मदद से गांव में ही अपना कारोबार बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
सुनीता ने गांव में कपड़ों और कॉस्मेटिक उत्पादों की दुकान शुरू की थी। ग्रामोत्थान परियोजना के तहत उन्हें कुल 3.40 लाख रुपये की वित्तीय व्यवस्था मिली। इसमें 75 हजार रुपये योजना अनुदान, 1.90 लाख रुपये बैंक ऋण और 75 हजार रुपये उनका स्वयं का योगदान शामिल है।
इस आर्थिक सहयोग से सुनीता ने अपनी दुकान का विस्तार किया। अब उनकी दुकान पर महिलाओं के कपड़ों के साथ कॉस्मेटिक उत्पादों की भी विस्तृत रेंज उपलब्ध है। उचित कीमतों पर अधिक विकल्प मिलने से ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
आज हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की कमाई
कारोबार में बढ़ोतरी के साथ सुनीता अब प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। गांव में रहकर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनीं सुनीता आज अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और लोगों की आजीविका मजबूत करना है। सुनीता की सफलता इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।
फोटो_ ग्रामोत्थान परियोजना की मदद से कारोबार बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनीं चौड़ासेठी की सुनीता सेठी।




