चंपावत: छह दिन की सेवा, विदाई में छलकी आंखें… मायावती से भावुक होकर लौटी इंग्लैंड की डॉक्टरों की टीम।

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निस्वार्थ चिकित्सा सेवा ने बनाया दिल का रिश्ता, चिकित्सकों ने कहा- मायावती से जुड़ा यह अनुभव हमेशा याद रहेगा।

लोहाघाट। पहाड़ की शांत वादियों में स्थित अद्वैत आश्रम मायावती का धर्मार्थ चिकित्सालय सोमवार को उस समय भावुक हो उठा, जब छह दिनों तक जरूरतमंद मरीजों की निस्वार्थ सेवा करने वाली इंग्लैंड से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम विदा हुई। सेवा के दौरान मरीजों से बने आत्मीय रिश्तों के चलते विदाई का पल चिकित्सकों के लिए भी भावुक कर देने वाला रहा। कई चिकित्सकों की आंखें नम हो गईं।

टीम लीडर डॉ. कृष्णा सिंह ने कहा कि मायावती में जिस भावना के साथ ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ को साकार किया जा रहा है, वह मन को गहराई तक छू लेने वाली है। उन्होंने कहा कि यहां मरीजों का इलाज केवल चिकित्सा के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और अपनत्व की भावना से किया जाता है। छह दिनों का यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि इंग्लैंड से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें आगे भी मायावती आती रहेंगी, ताकि दूरदराज के जरूरतमंद और गरीब मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहे। इससे पूर्व आश्रम के अध्यक्ष स्वामी शुद्धदानंद महाराज ने सभी चिकित्सकों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की अमृतवाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि समर्पित युवाओं की एक टोली समाज और देश की तस्वीर बदलने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि विदेश से हजारों किलोमीटर दूर आकर सेवा करने वाले चिकित्सक इसी सेवा भावना को धरातल पर उतार रहे हैं।
चिकित्सालय के प्रभारी स्वामी एकदेवानंद महाराज ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल ने ऐसे अनेक मरीजों को राहत दी, जिनके लिए उपचार की उम्मीद किसी सहारे से कम नहीं थी। चिकित्सकों की सेवा से मरीजों को इलाज के साथ नई उम्मीद और भरोसा भी मिला।

विदाई के दौरान डॉ. कृष्णा सिंह, डॉ. कौशिक रे, डॉ. उर्मिला रे, डॉ. डीएस दुबे, डॉ. अनुराग गर्ग, डॉ. सत्यकी सरकार, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. केके मिश्रा और डॉ. अनुज सिंह राणा ने स्वामी जी का आशीर्वाद लिया। चिकित्सकों ने मायावती के पैरामेडिकल स्टाफ के सहयोग की भी सराहना की।

सेवा का यह रिश्ता यहीं खत्म नहीं हुआ। चिकित्सकों ने कहा कि मायावती से उनका जुड़ाव आगे भी बना रहेगा और वे भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लेकर यहां आते रहेंगे। छह दिन की सेवा के बाद लौटते समय चिकित्सक मरीजों की दुआएं और मायावती की यादें अपने साथ ले गए।

फोटो_मायावती धर्मार्थ चिकित्सालय से विदा होते समय चिकित्सा प्रभारी स्वामी एकदेवानंद महाराज के साथ इंग्लैंड से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम।


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