चंपावत: जनता दरबार में बुजुर्ग की पीड़ा सुन भड़के डीएम, बोले— “छोटी समस्याओं के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय आने पर मजबूर न करें अधिकारी”।

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84 वर्षीय बुजुर्ग की समस्या पर जताई नाराजगी, गांव स्तर पर ही जनसमस्याओं के समाधान के दिए सख्त निर्देश।


चंपावत। जनपद चम्पावत में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला जिलाधिकारी जनता दरबार अब आम लोगों के भरोसे का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंचते हैं और त्वरित समाधान मिलने पर संतुष्ट होकर लौटते हैं। लेकिन सोमवार को आयोजित जनता दरबार में एक बुजुर्ग की छोटी सी समस्या सुनकर जिलाधिकारी मनीष कुमार नाराज हो उठे। खेतीखान क्षेत्र से पहुंचे 84 वर्षीय माधवानंद गहतोड़ी ने जिलाधिकारी को बताया कि पड़ोसी द्वारा उनके घर में गंदा पानी फेंका जा रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। इतनी छोटी समस्या को लेकर एक बुजुर्ग व्यक्ति को जिला मुख्यालय तक आना पड़ा, इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि बुजुर्गों को सम्मान मिले और उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने पहले ही इस मामले का निस्तारण कर दिया होता तो इतनी अधिक उम्र के व्यक्ति को जनता दरबार में आने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उन्होंने तत्काल एसडीएम लोहाघाट को मौके पर जाकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोग छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं, जबकि इनका समाधान गांव स्तर पर ही किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार ने अधिकारियों को जनता की सेवा के लिए नियुक्त किया है और यदि गांव में ही समस्याओं का समाधान हो जाए तो लोगों का समय और धन दोनों बचेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग उम्मीद और भरोसे के साथ प्रशासन तक पहुंचते हैं, इसलिए उनका विश्वास हर हाल में कायम रहना चाहिए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा तय की गई है, यदि उनमें लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार माने जाएंगे।
सोमवार को आयोजित जनता दरबार में उठाई गई लगभग 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान जिलाधिकारी ने मौके पर ही कर दिया, जबकि शेष जटिल मामलों के लिए समय सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, एपीडी बिंमी जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


फोटो – जनता दरबार में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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