चंपावत: जल पुलिस बनी देवदूत-  शारदा घाट में डूब रहे 10 वर्षीय बालक को मौत के मुंह से खींच लाई टीम।

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पूर्णागिरि मेले में बड़ा हादसा टला, जल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बची मासूम की जान।

टनकपुर/चंपावत। मां पूर्णागिरि मेले में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शारदा घाट में स्नान कर रहा एक 10 वर्षीय बालक अचानक तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगा। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई, लेकिन मौके पर तैनात जल पुलिस टीम ने साहस, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए बालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बालक अपने परिजनों के साथ स्नान करने आया था। इसी दौरान वह गहरे पानी और तेज बहाव की ओर पहुंच गया तथा डूबने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल पुलिस कर्मियों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और कुछ ही मिनटों में बालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जल पुलिस की मुस्तैदी और साहसिक प्रयासों से एक बड़ा हादसा टल गया तथा एक मासूम की अनमोल जिंदगी बचाई जा सकी। घटना के बाद बालक के परिजनों ने जल पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने जल पुलिस के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जल पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें, बच्चों पर लगातार नजर रखें तथा गहरे पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। चंपावत पुलिस ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेले के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस की सहायता लें।

फोटो –  शारदा घाट में डूब रहे 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित बाहर निकाल कर लाई जल पुलिस टीम।


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