चंपावत: दूरस्थ गांवों के छात्र-छात्राओं को मिली बड़ी राहत, जिलाधिकारी ने शुरू कराई वाहन सुविधा।

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खनन न्यास से आधा दर्जन वाहनों की व्यवस्था, अब दुर्गम क्षेत्रों के बच्चे आसानी से पहुंच सकेंगे विद्यालय।

चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं की शिक्षा संबंधी समस्याओं को देखते हुए सराहनीय पहल की है। हाईस्कूल के बाद आगे की पढ़ाई के लिए आवागमन की कठिनाइयों से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा खनन न्यास मद से आधा दर्जन वाहनों की व्यवस्था की गई है।
16 मई से शुरू की गई यह विशेष परिवहन सुविधा 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। हालांकि शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान वाहन सुविधा स्थगित रहेगी। इस योजना के अंतर्गत जीआईसी सुखीढांग के अधीन आने वाले बायलधुरा, चौड़ाकोट, मथियाबांज एवं सीलाड़ क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को विद्यालय तक लाने-ले जाने की सुविधा मिलेगी। वहीं जीआईसी बिविल के लिए पन्थ्युड़ा, शिमलौटा, भट्टटाक एवं अगोड़ा क्षेत्र के विद्यार्थियों हेतु भी वाहन सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा सरयू घाटी क्षेत्र के सिंग्दा, नेत्रसालान एवं च्यूरानी गांवों के बच्चों को जीआईसी बापरू तक पहुंचाने के लिए भी विशेष वाहन व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से बालिकाओं को इंटरमीडिएट शिक्षा प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और कई छात्राओं के लिए आगे की पढ़ाई एक सपना बनकर रह गई थी।
सरयू घाटी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका मंजू बाला ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह व्यवस्था लागू की।
क्षेत्रीय लोगों एवं शिक्षिका मंजू बाला ने छात्र-छात्राओं के हित में उठाए गए इस कदम के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार का आभार व्यक्त किया।

फोटो – जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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