“मरीज से मुस्कुराकर बात करिए… उसका आधा दर्द वहीं खत्म हो जाता है” — डीएम मनीष कुमार
चंपावत। जनपद में बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के बीच जिलाधिकारी मनीष कुमार देर शाम अचानक जिला चिकित्सालय पहुंच गए। डीएम के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था, पेयजल, आईसीयू वार्ड और दवा वितरण प्रणाली का बारीकी से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति परखी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि अस्पताल आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी दर्द और परेशानी से गुजर रहा होता है। यदि उसके साथ आत्मीयता और सम्मान से व्यवहार किया जाए तो उसका आधा दर्द वहीं कम हो जाता है।
डीएम मनीष कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला चिकित्सालय जनता की सेवा और जीवन रक्षा का केंद्र है, जहां किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, इसलिए हर मरीज को बेहतर इलाज और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को परेशानी हो तो वह सीधे सीएमएस, सीएमओ अथवा उनसे संपर्क कर सकता है।
आईसीयू वार्ड के निरीक्षण के दौरान डीएम ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। वहीं अस्पताल परिसर, शौचालय और मूत्रालयों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। औषधि भंडार का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, सीएमओ देवेश चौहान और सीएमएस डॉ. एचएस ह्याकिं भी मौजूद रहे।
फोटो— जिला चिकित्सालय चंपावत में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: देर शाम जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा।

