भव्य कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ, 23 अगस्त को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ होगा समापन।
चंपावत। देवभूमि की पावन धरती पर धर्म, आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। श्री बालेश्वर महादेव, श्री कपिलेश्वर महादेव और डूंगरासेठी में धार्मिक कथा एवं पुराणों के आयोजन के बाद आगामी समय में श्री गोल्ज्यू महाराज मंदिर में भी कथा का शुभारंभ होगा। इसी धार्मिक श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए श्री नागनाथ जी-भैरवनाथ जी मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
16 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली इस दिव्य कथा में परम पूज्य मानस रत्न प्रकाश चंद्र शास्त्री अपने श्रीमुखारविंद से श्रद्धालुओं को कुमाऊंनी भाषा में श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कुमाऊंनी बोली में होने वाली यह कथा धार्मिक आस्था के साथ-साथ देवभूमि की लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश देगी।
कथा का शुभारंभ 16 अगस्त (रविवार) को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालु श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ अर्जित करेंगे। वहीं 23 अगस्त को पूर्णाहुति, हवन और विशाल भंडारे के साथ कथा का विधिवत समापन होगा।
आयोजकों ने समस्त धर्मप्रेमी माताओं, बहनों, भाइयों, बुजुर्गों और युवा साथियों से इस पावन आयोजन में परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, भाषा और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से तन, मन और धन से यथाशक्ति सहयोग कर आयोजन को सफल बनाने तथा परिवार एवं बच्चों सहित कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
फोटो_श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन को लेकर श्री नागनाथ जी-भैरवनाथ जी मंदिर परिसर में एकत्रित श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी जन।
चंपावत: नागनाथ-भैरवनाथ मंदिर में 16 अगस्त से गूंजेगी कुमाऊंनी में भागवत कथा की अमृतवाणी।
