सोमवार को उमड़ी भारी भीड़, मानसरोवर जल अभिषेक की परंपरा निभा रहे श्रद्धालु; पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से सुरक्षित और व्यवस्थित मेला।
टनकपुर/चंपावत। यहां चल रहे पूर्णागिरि मेले में आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला, क्योंकि इस दिन छोटे बच्चों के मुंडन संस्कार का विशेष महत्व माना जाता है। मुंडन के बाद श्रद्धालु यहां से करीब 80 किलोमीटर दूर मानेश्वर महादेव मंदिर में मानसरोवर जल से अभिषेक कर धार्मिक परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। मेले में आने वाले तीर्थ यात्रियों को इस धार्मिक परंपरा की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे श्रद्धालु अब मानेश्वर महादेव मंदिर के साथ रणकोची मंदिर में भी दर्शन करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के यहां पूजा अर्चना व दर्शन के बाद इस स्थल की प्रसिद्धि और बढ़ी है।
पूर्णागिरि मंदिर क्षेत्र में पशुबलि पूरी तरह प्रतिबंधित है, मेले में विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु न केवल दर्शन कर रहे हैं, बल्कि यहां के पारंपरिक आयोजनों और स्थानीय आकर्षणों का भी आनंद ले रहे हैं। मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और श्रद्धालुओं से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में जुटे हैं। बेहतर व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालु संतुष्ट नजर आ रहे हैं और सुखद अनुभव के साथ लौट रहे हैं।
ठुलीगाड़ क्षेत्र में चल रहे भंडारे से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिल रही है। पुलिस की देखरेख में सुव्यवस्थित ढंग से प्रसाद वितरण किया जा रहा है। पुलिस उपाधीक्षक विमल प्रसाद के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, वहीं सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
रात्रि के समय जंगली जानवरों के मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए फॉरेस्ट विभाग के वाचर भी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
इसी बीच जल पुलिस और गोताखोरों की तत्परता एक बार फिर जीवनरक्षक साबित हुई। शारदा नदी में स्नान के दौरान डूबी एक बालिका को गोताखोर रविंद्र कुमार, होमगार्ड सुरेश शर्मा, जावेद खान और मुकेश राणा ने बहादुरी से बचाकर नया जीवन दिया। अब तक गोताखोरों द्वारा दर्जनों लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जो मेले की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
फोटो – पूर्णागिरी मेले में व्यवस्थित होकर लाईन लगाकर भंडारे में प्रसाद लेते श्रद्धालु ।

