चंपावत: पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं से लूट पर चला प्रशासन का डंडा, मुंडन ठेकेदार पर ₹25 हजार की बड़ी कार्रवाई

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“न्योछावर” के नाम पर जबरन वसूली का खेल पकड़ा गया।

चंपावत। मां पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आस्था को कमाई का जरिया बनाने वालों पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। मुंडन स्थल पर तय शुल्क से अधिक पैसे वसूलने, जबरन “न्योछावर” मांगने और श्रद्धालुओं से अभद्रता करने के मामले में जिला पंचायत चंपावत ने ठेकेदार पर ₹25 हजार का जुर्माना ठोक दिया है।
सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अवैध वसूली के वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेला मजिस्ट्रेट ललित मोहन तिवारी ने मुंडन स्थल पर अचानक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान बरेली से आए श्रद्धालुओं ने खुलासा किया कि उनसे तय दर से ज्यादा पैसे लिए जा रहे थे और “न्योछावर” के नाम पर जबरन ₹100 अतिरिक्त वसूले जा रहे थे।
मौके पर ही शिकायत सही मिलने पर दो श्रद्धालुओं को ₹100-100 वापस कराए गए। जांच में लगातार शिकायतें सही पाए जाने पर जिला पंचायत के मेला अधिकारी एवं अपर मुख्य अधिकारी कमलेश बिष्ट ने मुंडन ठेकेदार जितेंद्र सिंह महर निवासी उचौलीगोठ, टनकपुर को अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने का दोषी माना।
प्रशासन ने साफ किया कि ठेकेदार को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन मनमानी बंद नहीं हुई। इसके बाद अनुबंध की शर्तों के तहत ₹25 हजार का अर्थदंड लगाया गया और तीन दिन के भीतर जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की ठगी या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोबारा शिकायत मिलने पर ठेका तत्काल निरस्त कर जमानत राशि जब्त कर दी जाएगी।


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