डीएम मनीष कुमार की सख्त मॉनिटरिंग और बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन का दिखा असर, विकास की दौड़ में सभी जिलों को छोड़ा पीछे।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन, विकास के प्रति प्रतिबद्धता और जिलाधिकारी मनीष कुमार के मजबूत नेतृत्व ने एक बार फिर चंपावत को प्रदेश के शीर्ष पायदान पर पहुंचा दिया है। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी बीस सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन में चंपावत ने अप्रैल 2026 की रैंकिंग में पूरे उत्तराखंड में पहला स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रदेशभर के जिलों के बीच हुई इस प्रतिस्पर्धा में चंपावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 84 में से 41 अंक अर्जित किए और 48.81 प्रतिशत उपलब्धि के साथ नंबर-1 स्थान पर कब्जा जमाया। चमोली और देहरादून जैसे बड़े जिलों को पीछे छोड़ते हुए चंपावत ने साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति, प्रभावी मॉनिटरिंग और जनहितकारी कार्यों के प्रति समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी के अनुसार जनपद ने 28 रैंकिंग मदों में से 16 में ‘ए’ ग्रेड हासिल किया, जो विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है। यह उपलब्धि बताती है कि सरकारी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनका लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचा है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी प्रशासनिक टीम को देते हुए कहा कि चंपावत का लक्ष्य केवल रैंकिंग में अव्वल आना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, नियमित समीक्षा, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली ही इस सफलता का आधार है।
चंपावत की यह ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकल्प रहित संकल्प’ की सफलता का भी प्रमाण है। जिस तरह से जनपद लगातार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में नए आयाम स्थापित कर रहा है, उसने पूरे प्रदेश में चंपावत को सुशासन और विकास के मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है।
लगातार दूसरी बार प्रदेश में नंबर-1 बनकर चंपावत ने साफ संदेश दिया है कि जब नेतृत्व मजबूत हो, निगरानी प्रभावी हो और टीम समर्पित हो, तो सफलता स्वयं रास्ता बना लेती है।
फोटो_ जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: बीस सूत्रीय कार्यक्रम में फिर चमका चंपावत, पूरे प्रदेश में बना नंबर-1 जिला।

