दो अलग-अलग मतगणना अभिलेखों में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी रहे विजेता, जिला न्यायालय ने निर्वाचन किया निरस्त।
चंपावत। जिले की चर्चित भंडारबोरा जिला पंचायत सीट का मामला अब हाई कोर्ट की दहलीज तक पहुंचने जा रहा है। जिला न्यायालय द्वारा भाजपा समर्थित विजयी प्रत्याशी शैलेश जोशी का निर्वाचन निरस्त किए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। शैलेश जोशी ने साफ कर दिया है कि वह इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में भंडारबोरा सीट पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी शैलेश जोशी और उनके प्रतिद्वंदी कमल सिंह रावत के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। मतगणना के बाद निर्वाचन परिणाम शैलेश जोशी के पक्ष में घोषित किया गया था, लेकिन बाद में इसे न्यायालय में चुनौती दी गई।
सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत परिशिष्ट-7 (मतगणना परिणाम विवरणी) के अनुसार कमल सिंह रावत को 3111 वोट जबकि शैलेश जोशी को 3282 वोट मिले। इस आधार पर शैलेश जोशी 171 मतों से विजयी रहे। वहीं बाद में प्रस्तुत परिशिष्ट-8 (मतगणना विवरणी) में कमल सिंह रावत को 3257 वोट और शैलेश जोशी को 3282 वोट दर्शाए गए। यहां भी शैलेश जोशी 25 मतों की बढ़त के साथ विजेता साबित हुए।
दोनों अभिलेखों में तीसरे प्रत्याशी अशोक सिंह को 48 मत तथा कुल 278 वोट निरस्त दिखाए गए हैं। मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि दोनों आधिकारिक अभिलेखों में विजेता के रूप में शैलेश जोशी का नाम ही सामने आया। बावजूद इसके न्यायालय ने मतगणना प्रक्रिया में पाई गई कथित लिपिकीय त्रुटियों के आधार पर निर्वाचन को निरस्त कर दिया।
शैलेश जोशी का कहना है कि न्यायालय ने किसी अन्य प्रत्याशी को विजयी घोषित नहीं किया है और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जनता का जनादेश उनके पक्ष में था। अब उनका पक्ष इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की तैयारी में जुट गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर बड़ा मुद्दा बन सकता है।
गौरतलब है कि 25 वोटों से पराजित प्रत्याशी कमल सिंह रावत ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट और निर्मल तड़ागी ने प्रभावी पैरवी की।
फोटो_ शैलेश जोशी।
चंपावत: भंडारबोरा सीट पर सियासी संग्राम तेज: हाई कोर्ट जाएंगे शैलेश जोशी, बोले “जनादेश मेरे पक्ष में था”।

