गांधी प्रतिमा के सामने धरना, 29 अप्रैल तक जांच शुरू न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।
चंपावत। मुख्यमंत्री राहत कोष में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज गांधी प्रतिमा के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री निर्मला गायत्री और जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से ऐसे लोगों को आर्थिक सहायता दी गई है, जो स्वयं सक्षम हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंदों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे गरीबों के हक पर सीधा प्रहार बताया। नेताओं का कहना था कि सूचना के अधिकार के तहत मिली सूची भ्रामक है और इसमें तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया है। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2020 से अब तक कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्हें बार-बार राहत कोष से सहायता दी गई है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन भी किया और एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 29 अप्रैल तक जांच शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फोटो – गांधी प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री राहत कोष की जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
चंपावत में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: मुख्यमंत्री राहत कोष में घोटाले की जांच की मांग।

