चंपावत: लडवाल फाउंडेशन ने मेधावियों पर बरसाया सम्मान, जिले की प्रतिभाओं को मिला उड़ान का हौसला।

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बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को नकद पुरस्कार व सम्मान, डीएम बोले “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं”

चंपावत। नगर के जीजीआईसी रोड स्थित लडवाल स्टेट में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में मंगलवार को जिलेभर की प्रतिभाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह से ही छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ समारोह स्थल पहुंचने लगे थे। शिक्षा जगत में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्सुकता दिखाई दी। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने तथा राज्य मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राओं को लड़वाल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित करने के लिए किया गया था। मेधावियों को आकर्षक नकद पुरस्कार, स्मृति चिह्न एवं सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में लडवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष नरेंद्र लडवाल, शरद जोशी एवं दिनेश जोशी ने जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, मुकेश महराना तथा नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे का स्वागत किया।
इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में प्रथम एवं राज्य मेरिट में 18वां स्थान प्राप्त करने वाले विवेकानन्द विद्या मंदिर टनकपुर के यस अवस्थी को ₹51 हजार का पुरस्कार दिया गया। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली रिया चौबे को ₹31 हजार की धनराशि प्रदान की गई। वहीं तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से रहे सांची जोशी तथा मयंक जोशी को ₹21-21 हजार का पुरस्कार दिया गया। राज्य मेरिट में 24वां स्थान प्राप्त करने वाली हंसा भट्ट तथा 25वां स्थान हासिल करने वाली ममता नायक को भी विशेष नकद सम्मान प्रदान किया गया।

हाईस्कूल परीक्षा में 96.20 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली हिमानी उप्रेती को ₹31 हजार की पुरस्कार राशि दी गई। द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से रहीं संगीता भट्ट तथा पवन सिंह राणा को ₹21-21 हजार दिए गए। वहीं जलज ओली को ₹11हजार, चौथे स्थान पर आए नरेंद्र कुमार को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. बी. जोशी के संचालन एवं नरेंद्र लडवाल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि प्रतिभा और सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने कहा कि सीमांत जिले चंपावत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की सफलता के पीछे माता-पिता, शिक्षक और घर का वातावरण सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने अपने संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो, तब तक प्रयास रुकना नहीं चाहिए। एसपी ने युवाओं से मोबाइल का सीमित उपयोग कर अपने करियर निर्माण पर ध्यान देने की अपील की तथा बच्चों को कैरियर को बनाने के लिए वे खुद छात्र छात्राओं के बीच जाना चाहती हैं।
समारोह में श्याम नारायण पांडे, मुकेश महराना एवं प्रेमा पांडे सहित अन्य वक्ताओं ने भी प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए तथा लड़वाल फाउंडेशन द्वारा किए गए सहारनीय प्रयास के लिए नरेंद्र लड़वाल व उनकी पूरी टीम की धन्यवाद ज्ञापित किया गया। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मेधावियों को प्रोत्साहित करने के लिए लडवाल फाउंडेशन की सराहना की।


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सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर डीएम बने मनीष कुमार, छात्रों के लिए बने प्रेरणा स्रोत।

चंपावत। सम्मान समारोह में जिलाधिकारी मनीष कुमार का संघर्ष और सफलता भी चर्चा का विषय बना रहा। बताया गया कि उन्होंने सरकारी विद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर बिना किसी कोचिंग के हर कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और बाद में यूपीएससी जैसी कठिन सभी परीक्षाएं शानदार ढंग से उत्तीर्ण की। आज वह जिले की प्रतिभाओं को लगातार प्रोत्साहित कर युवाओं के प्रेरणास्रोत ही नहीं बने हुए हैं, बल्कि उनकी कार्य संस्कृति उत्तराखंड के अन्य जिलों के लोग उनका अनुशरण कर रहे हैं।


फोटो_मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं अन्य अतिथि।


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