चंपावत: लोहाघाट में स्वच्छता और देवदार संरक्षण का बिगुल: 13 टन कूड़ा हटाकर दिया बड़ा संदेश।

Share This Post

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया जनजागरण व श्रमदान अभियान का शुभारंभ।

लोहाघाट। नगर में आज दुर्लभ प्रजाति के देवदार वृक्षों के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर बड़े स्तर पर जनजागरण एवं श्रमदान अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अभियान का शुभारंभ करते हुए साफ-सुथरे वातावरण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि किसी भी नगर या गांव की पहचान उसकी स्वच्छता से ही होती है।
बाडीगाड़ से डिग्री कॉलेज तक फैली देवदार वन पट्टी में लंबे समय से जमा कूड़े के अंबार को हटाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, स्वयंसेवी संगठन और युवाओं ने मिलकर श्रमदान किया। अभियान के पहले ही दिन करीब 13 टन कूड़े का निस्तारण कर एक नई मिसाल पेश की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमदान की परंपरा को फिर से जीवित करना समय की मांग है। हमारे पूर्वजों ने जो प्राकृतिक धरोहर हमें सौंपी है, उसे संरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोहाघाट के लोग सौभाग्यशाली हैं, जो दुर्लभ देवदार वनों के बीच निवास करते हैं, इसलिए इन वनों के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है। अभियान में नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, एडीएम के.एन. गोस्वामी सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से शामिल रहे। सभी ने मिलकर कूड़े से पट चुकी देवदार वन पट्टी को साफ कर एक नई पहचान देने का काम किया।
जिलाधिकारी की अपील पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भागीदारी निभाई और अभियान को सफल बनाया। यह स्वच्छता अभियान लगातार 5 दिनों तक चलेगा, साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
अंत में प्रशासन ने लोगों से अपील की कि कूड़े को इधर-उधर फेंकने के बजाय कूड़ेदान का ही उपयोग करें और देवदार वनों को गंदगी से बचाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

फोटो – लोहाघाट में स्वच्छता एवं देवदार संरक्षण अभियान का शुभारंभ करते जिलाधिकारी मनीष कुमार व अन्य ।


Share This Post