चंपावत। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. तिलकराज जोशी की 23वीं पुस्तक ‘स्मृति के झरोखों से’ का भव्य लोकार्पण समारोह रविवार को शिवा एजेंसी, जीआईसी चौक में आयोजित किया गया। साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में पुस्तक को अनुभवों, संस्मरणों और जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव अशोक जुकरिया ने की, जबकि नगर पालिका परिषद चंपावत की अध्यक्ष प्रेमा पांडे मुख्य अतिथि रही। अल्मोड़ा से आए निर्मल पंत और दिनेश पांडे विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
पुस्तक पर आयोजित समीक्षा सत्र में डॉ. भुवन चंद्र जोशी, डॉ. सरोज यादव और बंशीधर फुलारा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पुस्तक में संकलित संस्मरण पाठकों को अतीत की स्मृतियों से जोड़ने के साथ-साथ जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि लेखक ने अपने अनुभवों को सरल और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया है, जिससे पुस्तक अधिक पठनीय और ज्ञानवर्धक बन गई है।
वक्ताओं ने डॉ. तिलकराज जोशी के लंबे साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी लेखनी समाज, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े विषयों को निरंतर समृद्ध करती रही है। समीक्षा के बाद मंचासीन अतिथियों ने पुस्तक का विधिवत विमोचन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्वाति जोशी ने किया। समारोह में शंकर दत्त पाण्डेय, डॉ. किशोर चंद्र जोशी, डॉ. दिनेश व्यास, डॉ. वंदना चंद, डॉ. सीमा नेगी, विजय जोशी, नागेंद्र चौहान, कैलाश चंद्र जोशी, नाथूराम राय, सपना भंडारी, नवीन पंत, सतीश चंद्र पांडे, महेंद्र प्रताप जोशी, चंपा जोशी, पवन पांडे, नीरज जोशी, दीपा पाण्डेय, नीरज कांडपाल, कोमल जोशी, भारत जोशी, हिमानी जोशी तथा वत्सला चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘स्मृति के झरोखों से’ साहित्य प्रेमियों के बीच अपनी विशेष पहचान बनाएगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
फोटो_चंपावत में आयोजित समारोह में डॉ. तिलकराज जोशी की पुस्तक ‘स्मृति के झरोखों से’ का लोकार्पण करते अतिथि एवं उपस्थित साहित्यकार।
चंपावत: 23वीं पुस्तक के साथ साहित्य साधना का नया अध्याय, डॉ. तिलकराज जोशी की ‘स्मृति के झरोखों से’ का लोकार्पण।

