चंपावत: लोहाघाट महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता, अंकिता चौबे प्रथम।

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‘उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता- उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ’ विषय पर छात्रों ने रखे तार्किक विचार


लोहाघाट।  स्वामी विवेकानन्द राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट में राजनीति विज्ञान परिषद की ओर से भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता की उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ’ रखा गया, जिसमें छात्रों ने अपने-अपने तर्कों के साथ विषय पर विचार व्यक्त किए और विषय को बोधगम्य बनाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. रेखा जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों को कानूनी रूप से संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रकाश लखेड़ा ने बताया कि उत्तराखण्ड शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को राज्य में लागू समान नागरिक संहिता कानून तथा उसके क्रियान्वयन की जानकारी देना और इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में डॉ. रुचिर जोशी, डॉ. उमा काण्डपाल और रोशनी चौधरी शामिल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा प्रियंका चंद, जो वर्तमान में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं, ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, क्योंकि इससे महिलाओं के प्रति होने वाले अन्याय और अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में मदद मिली है।
प्रतियोगिता में अंकिता चौबे ने प्रथम, प्रियांशु जजरिया ने द्वितीय और अनामिका पांडेय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार गायत्री पांडेय, राखी बिष्ट, सरस्वती, तनीषा अधिकारी, सीमा राय, अंजली, राधा, प्रकाश सिंह, सौरभ नाथ और नितिन चौबे को प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में  चन्द्रा जोशी, विनोद पाटनी, प्रेम गिरी, कमल किशन, रमेश जोशी, रवींद्र, बृजमोहन जोशी और सुनील राय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

फोटो_ महाविद्यालय में समान नागरिक संहिता विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के साथ अतिथि व शिक्षक।


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