सीडीओ डॉ. जी.एस. खाती बोले समन्वय और सजगता से ही अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ।
चंपावत। ग्रामोत्थान परियोजना एवं एनआरएलएम सहायतित संकुल स्तरीय संघों में नियुक्त फील्ड स्टाफ के लिए दो दिवसीय अभिमुखीकरण एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण का आयोजन चंपावत के एक स्थानीय होटल में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस दौरान उन्होंने जिला, ब्लॉक और संकुल स्तर पर बेहतर समन्वय और तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों का सही चयन और गरीबतम परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों को सजगता, सक्रियता और आपसी सहयोग के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और परियोजनाओं को मिशन मोड में संचालित करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण के दौरान सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक, सुमित कुमार, सचिन चंखवान, अतुल सिरस्वाल और हिमांशु ने प्रतिभागियों को रीप परियोजना के उद्देश्य, लक्ष्य समूह, कार्यक्षेत्र एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही अनुश्रवण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया, सामुदायिक संगठनों के सुशासन, व्यवसाय एवं मार्केटिंग, गरीब परिवारों के लिए उद्यम विकास, वित्तीय दस्तावेजों के प्रबंधन और ज्ञान प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया।
आरएफसी उपासक चंद्रशेखर भट्ट ने समूह एवं संकुल संघों में वित्तीय प्रबंधन, समावेशन, सीसीएल, टर्म लोन तथा उद्यमिता विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। समापन सत्र में मुख्य विकास अधिकारी ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का फीडबैक लिया और उन्हें यहां सीखी गई बातों को फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीपीएम रीप ममराज, डीटीई एनआरएलएम कैलाश शर्मा, सभी ब्लॉक मिशन मैनेजर, आरएफसी, ब्लॉक रीप स्टाफ, एरिया कोऑर्डिनेटर एवं संकुल संघों के स्टाफ सहित कुल 81 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
फोटो – चंपावत में प्रशिक्षण कार्यशाला में मौजूद सीडीओ डॉ. जी.एस. खाती एवं फील्ड स्टाफ व अधिकारीगण।
चंपावत में दो दिवसीय प्रशिक्षण से फील्ड स्टाफ को मिली नई धार, मिशन मोड में योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर।
