चंपावत: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम का कड़ा एक्शन, एनएचएम अधिकारियों का वेतन रोका।

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टनकपुर अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पताल भेजने और बाहर से दवाएं मंगाने की शिकायतों पर प्रशासन सख्त।

चंपावत। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लापरवाही और मरीजों को सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिलने की शिकायतों के बाद डीएम ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित चारों ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजरों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं।
टनकपुर राजकीय चिकित्सालय से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों की ओर भेजा जा रहा है। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए कहा जा रहा था। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिलने की बात भी सामने आई।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोहाघाट राजकीय चिकित्सालय की चिकित्सा प्रबंधन समिति से जुड़े वित्तीय अभिलेखों को तहसीलदार के माध्यम से सील कर जांच शुरू कराई है। प्रशासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और वित्तीय कार्यों की समीक्षा की जा रही है।
डीएम ने कहा कि शासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने जन औषधि केंद्रों के प्रभावी संचालन, आयुष्मान कार्ड बनाने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी देवेश चौहान ने बताया कि सभी अस्पतालों में शिकायत संबंधी बोर्ड लगाए जाएंगे। यदि किसी मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा जाता है तो वह सीधे विभाग को सूचना दे सकता है।

फोटो — जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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