डीएम बोले— किसी भी हाल में किसानों को निराश नहीं होने देंगे, विभाग मिलकर करें समाधान।
चंपावत/लोहाघाट। पहाड़ के किसानों के लिए इस बार आलू की भरपूर पैदावार खुशी के बजाय चिंता का कारण बन गई है। समय पर बारिश और बीज उपलब्ध होने से चंपावत और लोहाघाट क्षेत्र में इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर पर आलू उत्पादन हुआ, लेकिन बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। किसान जहां ₹34 किलो के हिसाब से बीज खरीदकर खेती कर रहे हैं, वहीं अब उन्हें अपना आलू मात्र ₹10 किलो के भाव बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अपनी खास गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहचाने जाने वाले पहाड़ी आलू की इस बार बंपर फसल हुई है। क्षेत्र में मुख्य रूप से कुफरी ज्योति प्रजाति की खेती की जाती है। उद्यान विभाग द्वारा वर्षों से किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाता रहा है, जबकि अब कई किसान पंजाब और हिमाचल से भी बीज मंगाकर खेती कर रहे हैं। लेकिन रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद विपणन और भंडारण की पर्याप्त तैयारी न होने से किसान खुले बाजार के भरोसे रह गए। मैदानी क्षेत्रों में पहले ही आलू की खुदाई पूरी हो जाने से यहां के आलू को अपेक्षित बाजार नहीं मिल पाया।
किसानों को राहत देने के लिए अब प्रशासन और विभागीय स्तर पर प्रयास तेज किए जा रहे हैं। उद्यान विभाग ने आईटीबीपी के साथ समझौता किया है, जिसके तहत 36वीं वाहिनी स्थानीय किसानों से सब्जियों की खरीद करेगी। कमांडेंट संजय कुमार के अनुसार पहले चरण में आईटीबीपी अपनी लगभग 25 प्रतिशत सब्जी जरूरत स्थानीय किसानों से पूरी करेगी, जिससे किसानों को स्थानीय बाजार मिलेगा और जवानों को ताजा जैविक उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
वहीं पुलडिन्डोला और दिगालीचौड़ क्षेत्र में बने कोल्ड स्टोर को दोबारा संचालित करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। सहायक निबंधक प्रेम प्रकाश के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से इन कोल्ड स्टोरों का संचालन किया जाएगा और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
लोहाघाट के एडीओ आशीष रंजन खर्कवाल ने बताया कि किसानों के आलू की स्थानीय खपत बढ़ाने के लिए आवासीय विद्यालयों, गुरुद्वारों और अन्य संस्थानों से संपर्क किया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली ने माना कि मैदानी क्षेत्रों में पहले से आलू की आवक होने के कारण इस बार बाजार प्रभावित हुआ है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर हताश नहीं होने दिया जाएगा और आलू संरक्षण व विपणन के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन करायत ने कहा कि किसान भारी घाटे में हैं और सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। वहीं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश चंद्र पांडे ने मुख्यमंत्री से किसानों के आलू की सरकारी खरीद की मांग उठाई है।
फोटो_लोहाघाट क्षेत्र के खेतों में तैयार आलू की बंपर फसल।
चंपावत: बंपर पैदावार बनी किसानों की परेशानी, ₹34 किलो बीज खरीदकर ₹10 में बेचने को मजबूर किसान।

