चंपावत में गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना को बड़ी सौगात, पर्यटन विकास हेतु 1.504 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित

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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आदर्श चंपावत” विजन को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत जन सुविधाओं और पर्यटन विकास के लिए 1.504 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में यह प्रक्रिया पूरी की गई। तहसील चंपावत के ग्राम चंपावत स्थित गैर ज०वि० खतौनी के खाता संख्या 314, बसरा संख्या 6721 के खसरा संख्या 6721 की 1.504 हेक्टेयर भूमि, जो हाईस्कूल कमेटी चंपावत के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी, को उत्तराखंड शासन के पर्यटन विभाग के नाम निःशुल्क हस्तांतरण एवं नामांतरण की मंजूरी दी गई है।
बताया गया कि उक्त भूमि का उपयोग केवल गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना एवं लोक प्रयोजन से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि क्षेत्र में मौजूद किसी भी धार्मिक अथवा ऐतिहासिक महत्व की संरचना को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे और परियोजना का संचालन निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप किया जाए।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई मजबूती देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू देवता से जुड़ी आस्था को देखते हुए कॉरिडोर के विकसित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि चंपावत जनपद को पर्यटन, संस्कृति और जन सुविधाओं के क्षेत्र में एक आदर्श जनपद के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। शासन द्वारा भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति विभिन्न निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन प्रदान की गई है।


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