गढ़कोट में दैवीय आपदा से प्रभावित परिवार को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, रेड क्रॉस ने दिए त्रिपाल और कंबल
चंपावत। विकासखंड चंपावत के ग्राम गढ़कोट में आकाशीय बिजली गिरने से एक गौशाला पूरी तरह जलकर राख हो गई। हादसे में गौशाला के भीतर बंधी एक बछिया की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गौशाला में रखा चारा और अन्य सामग्री भी आग की भेंट चढ़ गई। घटना से प्रभावित परिवार को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि खराब मौसम के दौरान अचानक गिरी आकाशीय बिजली से गौशाला में आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी गौशाला को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के प्रयासों के बावजूद भीतर बंधी बछिया को नहीं बचाया जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर राहत एवं सहायता कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। सोमवार को तहसीलदार बृजमोहन आर्या ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार प्रभावित गृहस्वामी डूंगर देव पुत्र सीताराम को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया।
इसके अलावा रेड क्रॉस समिति की ओर से पीड़ित परिवार को त्रिपाल एवं कंबल उपलब्ध कराए गए, ताकि आपदा से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत मिल सके। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में राहत मिली है।
पीड़ित डूंगर देव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने समय पर सहायता पहुंचाकर उनका मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद मिली तत्काल मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई है।
राहत कार्य के दौरान राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग तथा रेड क्रॉस समिति के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
फोटो_ गढ़कोट में आकाशीय बिजली से प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता का चेक एवं राहत सामग्री प्रदान करते तहसीलदार बृजमोहन आर्या व अन्य अधिकारी।
चंपावत: आकाशीय बिजली गिरने से गौशाला जलकर राख, बछिया की मौत के बाद प्रशासन ने पहुंचाई तत्काल राहत।

