चंपावत: “वाह डीएम साहब!” जनविश्वास, सुशासन और विकास की मिसाल बने चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार।

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कुशल प्रशासन की पहचान बने जिलाधिकारी, चंपावत में दिखा सुशासन का असर”

चंपावत। जिला गठन के बाद चंपावत जनपद में जिस तरह का प्रशासनिक परिवर्तन देखने को मिला है, उसने जिलाधिकारी मनीष कुमार को जन-जन के बीच एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। बेहद कम समय में उन्होंने न केवल चंपावत को मॉडल जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कार्य किए, बल्कि शासन, प्रशासन और आमजन के बीच वर्षों से बनी दूरी को भी समाप्त कर दिया।
कार्यालय, फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित और समयबद्ध समाधान करना उनकी कार्यशैली की बड़ी विशेषता बन चुका है। बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों की समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता ने प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। यही कारण है कि आज लोग बिना झिझक अपनी बात सीधे जिलाधिकारी तक पहुंचा रहे हैं।
डीएम मनीष कुमार ने जनपद के उन दूरस्थ और दुर्गम गांवों तक भी पहुंच बनाई, जहां अब तक प्रशासनिक पहुंच नहीं हो पाई थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर उन्होंने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया और संबंधित विभागों को त्वरित निर्देश दिए। अलग-अलग विभाग होने के बावजूद जनता का सीधे डीएम के पास पहुंचना यह दर्शाता है कि जनविश्वास कायम करने में उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और जिलाधिकारी मनीष कुमार की प्रशासनिक दक्षता का बेहतरीन तालमेल चंपावत में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी समन्वय का परिणाम है कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और पात्र लाभार्थियों को उनका वास्तविक लाभ मिल रहा है।
विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी स्वयं नियमित समीक्षा कर रहे हैं और गुणवत्ता व पारदर्शिता पर विशेष जोर दे रहे हैं। सड़कों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन, पर्यटन विकास और ग्रामीण अधोसंरचना को उन्होंने प्राथमिकता दी है।
कानून-व्यवस्था के मामले में उनकी नीति स्पष्ट और सख्त है। पुलिस प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर जनपद में शांति, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं। वहीं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में पूर्व तैयारी, सतर्क निगरानी और आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के जरिए जनहानि को न्यूनतम करने के प्रभावी प्रयास किए गए हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद, आमजन का भरोसा और प्रशासन के प्रति बढ़ता विश्वास यह साबित करता है कि जिलाधिकारी मनीष कुमार केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि जनता के दुख-दर्द को समझने वाले संवेदनशील अधिकारी भी हैं। उनकी सरलता, अनुशासित कार्यशैली और सेवा भावना ने “सेवा परमो धर्मः” की भावना को साकार किया है।
इसीलिए आज चंपावत जनपद के हर कोने से यही आवाज गूंज रही है— “वाह डीएम साहब!”

फोटो – गरीब आमा को अपने पास बैठाकर उसकी समस्या का तत्काल समाधान करने के साथ उससे भावनात्मक रिश्ता जोड़ते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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