देहरादून। उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। लंबे समय से नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे कर्मचारियों का आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। नर्सिंग कर्मचारी बीते 45 दिनों से अधिक समय से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई।
उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि नर्सिंग कर्मचारियों की केवल एक ही मुख्य मांग है कि नर्सिंग भर्ती को वर्षवार किया जाए, जिससे वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में परीक्षा के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया से कई योग्य अभ्यर्थी वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर मंच के प्रतिनिधिमंडल ने कई बार मुख्यमंत्री से वार्ता की, अधिकारियों से भी चर्चा हुई, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। इसी कारण मजबूरन नर्सिंग कर्मचारियों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
नर्सिंग एकता मंच ने परीक्षा आधारित भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त करने और 2500 से अधिक रिक्त पदों पर वर्षवार भर्ती करने की स्पष्ट मांग रखी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला नर्सिंग कर्मचारी भी शामिल रहीं, जिन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ पहले ही स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है, बावजूद इसके उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
फोटो_ मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन करते नर्सिंग कर्मचारी।
