

संस्कार, शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण में माता-पिता की भूमिका को बताया अहम।
चम्पावत। सरस्वती शिशु मंदिर दूध पोखरा में आयोजित अभिभावक सम्मेलन में बच्चों की शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास को लेकर गहन मंथन हुआ। अभिभावकों ने अपने विचार साझा करते हुए बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालय के साथ परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। विद्या भारती के पूर्व प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र जोशी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके संस्कार और व्यवहार पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मातृ भारती की संयोजिका त्रिलोकी देवी पालिवाल ने की। उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन निर्माण में उनकी माताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए बच्चों को संस्कारवान बनाने पर जोर दिया। इस दौरान रीता देवी, विमला देवी और आचार्य कैलाश चंद्र जोशी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, पठन-पाठन और अन्य कार्यक्रमों की जानकारी अभिभावकों को दी। त्रिलोचन जोशी, बबीता जोशी, अंकिता और सीमा भट्ट सहित अन्य अभिभावकों ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन शालिनी जोशी ने किया। अंत में प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र जोशी ने सभी अभिभावकों का आभार जताया।
फोटो_सरस्वती शिशु मंदिर दूध पोखरा में आयोजित अभिभावक सम्मेलन में मौजूद शिक्षक, अभिभावक एवं अन्य लोग।




