

107 गांवों में 1.18 लाख मीटर फेंसिंग, 52 गांवों में पहुंची सामग्री।
चंपावत। जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए जिले में चेनलिंक फेंसिंग का काम तेज किया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बुधवार को योजना की समीक्षा करते हुए प्रथम चरण में चयनित गांवों में फेंसिंग का काम अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए।
जिले के 107 राजस्व गांवों में कुल 1,18,778 मीटर चेनलिंक फेंसिंग प्रस्तावित है। अब तक 97 गांवों में अनुबंध की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सामग्री आपूर्ति के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें 52 गांवों में सामग्री पहुंच गई है और ग्रामीणों की सहभागिता से फेंसिंग लगाने का काम शुरू हो चुका है।
समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जिन गांवों में सामग्री पहुंच चुकी है, वहां काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेंसिंग का काम केवल सामग्री वितरण तक सीमित न रहे, बल्कि फेंसिंग लगने तक नियमित निगरानी की जाए। लंबित अनुबंधों को भी खुली बैठक कर जल्द पूरा कराने को कहा गया।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी नारायण सिंह ने बताया कि शेष गांवों में सामग्री पहुंचाने की कार्रवाई जारी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को देखते हुए योजना को प्राथमिकता से धरातल पर उतारा जाए और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा किया जाए।
बैठक में डीएफओ धिनु पुरुषोत्तमन, प्रभारी सीडीओ अजय सिंह, एडीएम केएन गोस्वामी, एपीडी विम्मी जोशी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी नारायण सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी भारत जोशी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
फोटो_चेनलिंक फेंसिंग कार्यों की समीक्षा करते जिलाधिकारी मनीष कुमार व मौजूद अधिकारी।




