

मनाही के बावजूद वेटिंग एरिया में बनाया डांस वीडियो, सोशल मीडिया की सनक ने अस्पताल की मर्यादा पर खड़े किए सवाल
चंपावत। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने की होड़ में कुछ लोग जगह और माहौल की मर्यादा भी भूलते जा रहे हैं। चंपावत जिला चिकित्सालय के वेटिंग एरिया में एक युवक के डांस की रील बनाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि लोगों के मना करने के बावजूद युवक ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। घटना ने अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिला चिकित्सालय में लोग बीमारी और परेशानी के बीच उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। वेटिंग एरिया में कोई अपनी जांच के इंतजार में बैठा होता है, तो कोई परिजन की तबीयत को लेकर चिंतित रहता है। ऐसे माहौल में डांस की रील बनाना और लोगों की आपत्ति के बावजूद वीडियो जारी रखना सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है।
अस्पताल परिसर में वीडियो बनाने से मरीजों और तीमारदारों की निजता प्रभावित होने की आशंका भी रहती है। बिना सहमति किसी मरीज या उसके परिजन को वीडियो में दिखाना उन्हें असहज स्थिति में डाल सकता है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश दूसरों की परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए।
जिला चिकित्सालय मरीजों के उपचार और देखभाल के लिए है, न कि सोशल मीडिया पर रील बनाने का मंच। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल परिसर में ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करने और मरीजों की निजता सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं।
रील बनाना किसी की व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर दूसरों की सुविधा और परिस्थितियों का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। खासकर अस्पताल जैसे स्थान पर संवेदनशीलता और अनुशासन की अपेक्षा अधिक होती है।
सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और व्यूज हासिल करने की चाह में क्या मरीजों की परेशानी और अस्पताल की मर्यादा को नजरअंदाज करना उचित है? अस्पताल में आने वाले मरीजों को सम्मान, शांति और बेहतर उपचार का माहौल मिलना चाहिए, न कि अनचाहे वीडियो का सामना करना पड़े।
फोटो_जिला अस्पताल में रील बनाता युवक।



