चंपावत: चलती रोडवेज बस से उठा धुआं, बड़ा हादसा टला।

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खटारा बसों पर फूटा यात्रियों का गुस्सा, रोडवेज पर लापरवाही के आरोप

चंपावत। जनपद के बेलखेत–अमोड़ी मार्ग पर टनकपुर से लोहाघाट आ रही लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस संख्या UK07 PA 4304 के इंजन से अचानक धुआं उठने लगा। चलती बस से धुआं निकलता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
हालात को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को तत्काल सड़क किनारे रोक दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर उतार लिया। बस में उस समय करीब 15 से 20 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। समय रहते बस रोके जाने से बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा बस में आग लग सकती थी।
घटना के बाद यात्रियों ने रोडवेज प्रबंधन पर गंभीर नाराजगी जताई। यात्रियों का कहना है कि उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरी बस भेजने की बात कही गई, लेकिन बार-बार इस तरह की घटनाएं यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि पुरानी और खटारा बसों का संचालन कर रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा से समझौता कर रहा है।
यात्रियों ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले लोहाघाट बस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर एक बस के ब्रेक फेल हो गए थे, जबकि देहरादून में भी लोहाघाट डिपो की एक बस आग की चपेट में आ चुकी है। एक बार फिर लोहाघाट डिपो की बस बीच रास्ते में जवाब दे गई।
यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अब सरकारी बसें “मौत का सामान” बनती जा रही हैं। खटारा बसें और रखरखाव में लापरवाही इसका मुख्य कारण है। लोगों ने मांग की कि लोहाघाट डिपो को कम से कम 20 नई बसें उपलब्ध कराई जाएं, लेकिन न तो सरकार और न ही रोडवेज प्रबंधन इस ओर ध्यान दे रहा है।


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