लोहाघाट। श्रम विभाग की ओर से बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोहाघाट नगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। रेस्क्यू एवं पुनर्वास अधिकारी तथा जिला टास्क फोर्स समिति की संयुक्त टीम ने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन महिला छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर लगभग 150 मजदूर कार्यरत पाए गए, जिनका किसी भी प्रकार का वैध सत्यापन नहीं किया गया था। टीम द्वारा मौके पर कई बाल एवं किशोर श्रमिकों को चिन्हित कर रेस्क्यू किया गया। किशोर न्याय समिति के सदस्यों ने बच्चों को कार्य से मुक्त कर उनके अभिभावकों की काउंसलिंग भी की।
रेस्क्यू किए गए बच्चों के मामले में आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति को सूचित किया गया। अभियान में जिला श्रम उपायुक्त सुनील तिवारी, बाल कल्याण समिति की अधिकारी आनंदी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू पंत त्रिपाठी सहित श्रम विभाग, बाल कल्याण विभाग और जिला टास्क फोर्स के अन्य सदस्य मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में बिना सत्यापन के किसी भी मजदूर को कार्य पर न रखा जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो – निर्माणाधीन महिला छात्रावास स्थल पर रेस्क्यू एवं पुनर्वास की कार्रवाई करती श्रम विभाग व जिला टास्क फोर्स की टीम।
चंपावत: निर्माण स्थल पर श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई बाल मजदूर रेस्क्यू।
