हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल के गौला नदी पर लगभग ₹36.78 करोड़ की लागत से बन रही महत्वाकांक्षी जमरानी बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना से तराई-भाबर क्षेत्र को सिंचाई व पेयजल की बड़ी सुविधा मिलेगी। दोनों टनल और अस्थाई कॉफर डैम का कार्य जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि संपूर्ण प्रोजेक्ट जून 2029 तक पूर्ण होगा। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से इस परियोजना में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर लिया गया है और अब बांध निर्माण कार्य तेजी से धरातल पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से ही परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि जमरानी बांध परियोजना की दोनों टनल तथा अस्थाई कॉफर डेम का कार्य जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को पीने के पानी और सिंचाई के लिए जूझना नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से भाबर क्षेत्र को जमरानी बांध से व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे कृषि, पेयजल आपूर्ति और जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना से जुड़े अभियंता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
हल्द्वानी: जमरानी बांध परियोजना का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्थलीय निरीक्षण।
