माया उपाध्याय और जितेंद्र तोमक्याल के गीतों पर थिरका मैदान, लेज़र शो ने जगाया इतिहास पर गर्व
टनकपुर। चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या रविवार को उल्लास और उमंग के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के समीप आयोजित कार्यक्रम में हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। रंगीन रोशनी और आकर्षक मंच सज्जा के बीच लोकसंस्कृति की छटा देखते ही बन रही थी।

कार्यक्रम का शुभारंभ चम्पावत के इतिहास पर आधारित लेज़र शो से हुआ। प्रकाश और ध्वनि के प्रभावशाली संयोजन के साथ प्रस्तुत इस शो में प्राचीन मंदिरों, सांस्कृतिक विरासत और जनपद की विकास यात्रा की झलक दिखाई गई। दर्शकों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया।
स्टार नाइट में कुमाऊँनी लोकगायक जितेंद्र तोमक्याल ने अपने लोकप्रिय गीतों से समां बांध दिया। “लाली हो लाली” और अन्य लोकधुनों पर युवा और बुजुर्ग देर रात तक झूमते रहे। जनपद की उभरती लोकगायिका सीमा विश्वकर्मा ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना हासिल की।

संध्या का मुख्य आकर्षण रहीं प्रसिद्ध लोकगायिका माया उपाध्याय। उन्होंने अपने सुपरहिट गीतों से पूरे मैदान को उत्साह से भर दिया। उनके गीतों पर दर्शकों की तालियां और हूटिंग देर रात तक गूंजती रही।
18 से 24 फरवरी तक चलने वाले इस सात दिवसीय महोत्सव में लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय उत्पादों को भी मंच प्रदान किया जा रहा है।
आज की स्टार नाइट में होगा धमाल_
19 फरवरी की सांस्कृतिक संध्या में हिमनाद बैंड, खुशी और गोविंद डिगारी अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव में चार चांद लगाएंगे।
