

दूरबीन विधि से किडनी व पित्त की थैली की पथरी का निःशुल्क इलाज, पहले दिन 70 मरीजों का पंजीकरण।
लोहाघाट। अद्वैत आश्रम मायावती के धर्मार्थ चिकित्सालय में इंग्लैंड से आए विश्व प्रसिद्ध लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. कृष्णा सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय चिकित्सकों के दल ने किडनी और पित्त की थैली की पथरी के दूरबीन विधि से ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। 20 सितंबर तक चलने वाले सर्जिकल शिविर के पहले दिन दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे 70 रोगियों का पंजीकरण किया गया। रोगियों की सुविधा के लिए चिकित्सालय की ओर से निःशुल्क वाहन सेवा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
शिविर का शुभारंभ आश्रम अध्यक्ष स्वामी शुद्धिदानंद महाराज ने किया। उन्होंने चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि नर को नारायण मानकर स्वामी विवेकानंद द्वारा शुरू की गई सेवा परंपरा आज भी मानव सेवा के रूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज क्षेत्र में आकर जरूरतमंदों की सेवा करना अपने आप में सौभाग्य है।
डॉ. कृष्णा सिंह के साथ डॉ. अनुराज गर्ग, डॉ. सत्यकि सरकार, डॉ. कौशिक रे, डॉ. उर्मिला रे और डॉ. विक्रम सिंह ऑपरेशन में सेवाएं दे रहे हैं।
चिकित्सालय प्रभारी स्वामी एकदेवानंद महाराज ने बताया कि शिविर के लिए अत्याधुनिक मशीनों और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। 87 वर्षीय डॉ. डीएस दुबे चिकित्सकों के बीच समन्वय का कार्य कर रहे हैं, जबकि डॉ. विनय मिश्रा और डॉ. अनुज राणा रोगियों के परीक्षण में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शिविर में पथरी के ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में इन ऑपरेशनों पर करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च हो सकता है। पंजीकरण का क्रम अभी जारी है।
फोटो_ऑपरेशन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रोगी।




