चंपावत: खेतों से तकदीर बदल रहे भीम सिंह महर, सेब की खेती से जगी नई उम्मीद।

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पांच हजार सेब के पौधों से संवार रहे भविष्य, डीएम मनीष कुमार ने किसान और उनकी बेटी को किया सम्मानित

चंपावत। मेहनत और नवाचार के दम पर पहाड़ की जमीन को खुशहाली में बदलने की मिसाल कठनोंली गांव के प्रगतिशील किसान भीम सिंह महर पेश कर रहे हैं। सेब उत्पादन और बागवानी में नए प्रयोगों के चलते उन्हें ‘एप्पल मैन’ के नाम से जाना जाता है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए भीम सिंह और उनकी बेटी पुष्पा को सम्मानित किया।

भीम सिंह ने पारंपरिक खेती को आधुनिक बागवानी से जोड़कर नई पहचान बनाई है। उनके बागान में सेब की ग्रैनी स्मिथ प्रजाति के करीब पांच हजार पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही तैड़ा, गेठी और अन्य पारंपरिक उत्पादों का भी जैविक तरीके से उत्पादन किया जा रहा है। उनके बागान को देखने और खेती के नए तौर-तरीके सीखने के लिए कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों से किसान पहुंचते हैं।

बागान तक सड़क पहुंचाने की पहल_

भीम सिंह के सामने बागान से उपज को सड़क तक पहुंचाना बड़ी चुनौती रही है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बागान का निरीक्षण कर उनकी समस्याओं को समझा और सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की। इससे उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और बागवानी का विस्तार करने की उम्मीद बढ़ी है।

भीम सिंह खेती-बागवानी में अपने बेटे भरत के साथ बेटी पुष्पा को भी जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि किसानों को प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही प्रगतिशील किसानों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलना चाहिए।

एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम भी उनके प्रयासों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। भीम सिंह का मानना है कि किसानों को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और बाजार की सुविधा मिले तो चंपावत में खेती-बागवानी रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकती है।

फोटो_ प्रगतिशील किसान भीम सिंह महर और उनकी बेटी पुष्पा को सम्मानित करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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