चंपावत। जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही चंपावत के आंदोलनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे अपने संघर्ष की बड़ी जीत बताया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने खुशी जताते हुए कहा कि जंतर-मंतर से उठी आवाज अब अपना असर दिखा रही है।
आंदोलनकारी संदीप भट्ट ने कहा कि जंतर-मंतर पर शुरू हुआ संघर्ष केवल किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह युवाओं के अधिकार, न्याय और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने की लड़ाई थी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार संघर्ष किया। आज धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर से आंदोलनकारियों में खुशी है और इसे संघर्ष करने वाले प्रत्येक युवा की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब युवा और आम जनता अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो उनकी आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल रहे सभी साथियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत आंदोलनकारियों के हौसले और एकजुटता का परिणाम है।
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद चंपावत में आंदोलनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और बधाई दी। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह संघर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि जनहित और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
इस दौरान आंदोलन में शामिल रहे सौरभ भारती, गौरव कुमार, नीरज जोशी, जीवन जोशी, सौरभ कुमार और नैतिक जोशी सहित अन्य आंदोलनकारियों ने खुशी जताई।
फोटो_धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पर जश्न मनाते चंपावत के आंदोलनकारी।
चंपावत: जंतर-मंतर के आंदोलन की गूंज चंपावत तक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आंदोलनकारियों में खुशी का माहौल।
