चंपावत। सीमांत क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फूंगर में सोमवार को आयोजित स्वर्गीय दीपा जोशी स्मृति वार्षिक प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह ने पूरे क्षेत्र में शिक्षा और सामाजिक सरोकार की नई मिसाल पेश कर दी। विद्यालय परिसर बच्चों की प्रतिभा, अभिभावकों के उत्साह और समाज के सहयोग से देर तक गूंजता रहा। कार्यक्रम इतना भव्य और भावुक रहा कि हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही चर्चा रही—“ग्रामीण शिक्षा को आगे बढ़ाने का ऐसा प्रयास वास्तव में प्रेरणादायी है।”
मूल रूप से फूंगर निवासी डॉ. शरद चंद्र जोशी द्वारा अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय दीपा जोशी की स्मृति में आयोजित यह समारोह अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को मंच देने वाला प्रेरणा पर्व बन चुका है। जिस विद्यालय से कभी जोशी परिवार ने शिक्षा ग्रहण की, आज उसी विद्यालय के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए पूरा परिवार निरंतर सहयोग कर रहा है।
समारोह में सामान्य ज्ञान, निबंध, सुलेख और चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सीनियर वर्ग सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में जारी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹2500 का पुरस्कार जीता, जबकि दीपांशु कुमार और ललित सिंह ने क्रमशः द्वितीय व तृतीय स्थान हासिल किया। निबंध प्रतियोगिता में हर्षिता, तनुजा और शिवानी ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
जूनियर वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को जीवंत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निशा, उमेश और अन्य प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किए। वहीं जूनियर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में निहारिका, मनुहार और दीक्षा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विजेताओं को क्रमशः ₹2500, ₹1500 और ₹1000 की नकद धनराशि देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सबसे गौरवपूर्ण और भावुक पल तब आया जब विद्यालय की मेधावी छात्रा गुंजन पांडे को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। बोर्ड परीक्षा में 86.7 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाली गुंजन को ₹2500 की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान तालियों की गूंज से पूरा परिसर देर तक गूंजता रहा।
इस अवसर पर डॉ. भुवन चंद्र जोशी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय के सभी शिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो समाज और राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने रहे। लोकगीतों, पारंपरिक नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे। बच्चों की आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया।
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोरा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन बच्चों के भीतर प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि जोशी परिवार का यह योगदान समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे ने छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने का सबसे मजबूत माध्यम है। वहीं नरेंद्र सिंह लड़वाल ने इस आयोजन को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए “मील का पत्थर” बताते हुए इसकी खुलकर सराहना की।
अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्य अमृता चंद्रा ने डॉ. शरद चंद्र जोशी, जोशी परिवार और सभी अतिथियों का विद्यालय को निरंतर सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, ऑनलाइन शिक्षण विशेषज्ञ दिनेश चंद्र जोशी, बैंक अधिकारी जनार्दन चिलकोटी, पूर्व प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह बोरा, लोकमणि पंत, वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर पांडे, ग्राम प्रधान गीता देउपा, डॉ. जी.बी. बिष्ट, एसएमसी अध्यक्ष मदन सामंत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन निर्मल पांडे ने किया।
फोटो_स्वर्गीय दीपा जोशी स्मृति वार्षिक प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह का शुभारंभ एवं दीप प्रज्वलित करते मुख्य अतिथि।
चंपावत: फूंगर विद्यालय में शिक्षा का महाकुंभ, स्वर्गीय दीपा जोशी की स्मृति में मेधावियों पर बरसा सम्मान और पुरस्कार।

