सरकारी काफिलों में 50% कटौती, हर शनिवार रहेगा ‘नो व्हीकल डे’; ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की तैयारी।
चंपावत। वैश्विक परिस्थितियों के बीच बढ़ती ईंधन लागत और आर्थिक दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में ईंधन बचत, ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ऊर्जा संरक्षण अब केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। इसी के तहत सरकारी कार्यालयों में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। निजी संस्थानों को भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जारी निर्देशों के अनुसार अब सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत तक सीमित की जाएगी। वहीं सरकारी एवं निजी भवनों, मॉल, होटल और रेस्तरां में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनावश्यक सजावटी प्रकाश व्यवस्था पर भी नियंत्रण लगाया जाएगा। प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जनपद में ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ऊर्जा संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को विशेष ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। इसके तहत कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और साइकिल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने आमजन से भी ईंधन बचत को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए “मेड in उत्तराखण्ड” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और जीआई टैग उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। एमएसएमई इकाइयों और स्वयं सहायता समूहों को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस और इको-टूरिज्म सर्किटों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं सरकारी स्तर पर गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती और जीरो बजट फार्मिंग को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। एग्रीस्टैक और फार्मर आईडी के जरिए उर्वरक प्रबंधन में पारदर्शिता लाई जाएगी। इसके साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और नेट मीटरिंग स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
आशा कार्यकर्ताओं और महिला समूहों के माध्यम से कम तेल वाले भोजन को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों और सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा भी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि लोग कम से कम एक वर्ष तक नई सोने की खरीद सीमित रखें और पुराने आभूषणों के पुनः उपयोग को बढ़ावा दें। साथ ही सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन दिशा-निर्देशों का स्वयं पालन सुनिश्चित करें तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से इन्हें प्रभावी रूप से लागू कराएं।
फोटो – जिलाधिकारी मनीष कुमार
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