लोहाघाट। विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय बाकी है, लेकिन लोहाघाट की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री मोहन सिंह ढेक ‘मुन्ना ढेक’ ने खुलकर चुनाव लड़ने की घोषणा कर पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ दी है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।
मुन्ना ढेक ने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया, लेकिन जीत के बाद उनकी लगातार उपेक्षा की गई। उनका आरोप है कि विधायक और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद की कमी के कारण संगठन कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, ताकि जनता की समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान हो सके।
उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज भी क्षेत्र की जनता कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। उनके अनुसार, लोगों को जिस स्तर के विकास की उम्मीद थी, वह अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
मुन्ना ढेक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो वह पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगे और यदि टिकट नहीं मिलता है तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
उनके इस बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को गर्मा दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के समय पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ने की स्थिति में इसका सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
फिलहाल लोहाघाट की सियासत में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या कांग्रेस संगठन समय रहते भीतर की नाराजगी को दूर कर पाएगा या फिर वर्ष 2027 के चुनाव में पार्टी को अपने ही असंतोष का सामना करना पड़ेगा। इतना तय है कि चुनावी बिगुल बजने में भले अभी समय हो, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है।
फोटो_ मोहन सिंह ढेक ‘मुन्ना ढेक’।
