चंपावत: सपने में कुत्ते ने काटा, डर इतना बढ़ा कि अस्पताल पहुंच गया 12 वर्षीय बालक।

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गूगल पर जानकारी पढ़ने के बाद बिगड़ी हालत, डॉक्टरों की काउंसलिंग से हुआ सामान्य।


लोहाघाट (बाराकोट)। जनपद के बाराकोट क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय बच्चे को सपने में कुत्ते द्वारा काटे जाने का एहसास इतना गहरा हो गया कि वह वास्तविक डर और घबराहट का शिकार हो गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि परिजनों को बच्चे को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट लाना पड़ा। जानकारी के अनुसार सुंगरखाल क्षेत्र निवासी नाबालिग बच्चे ने रात में सपना देखा कि उसे कुत्ते ने काट लिया है। सुबह उठने के बाद उसने मोबाइल पर गूगल के माध्यम से कुत्ते के काटने से जुड़ी जानकारी पढ़नी शुरू कर दी। इंटरनेट पर मौजूद जानकारियों और वीडियो का असर बच्चे के मन पर इतना गहरा पड़ा कि उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह लगातार घबराहट, रोने और पेट में तेज दर्द की शिकायत करने लगा।
परिजन घबराकर बच्चे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट लेकर पहुंचे, जहां स्वास्थ्य कर्मियों ने उपचार से पहले आवश्यक पूछताछ की। इस दौरान बच्चा लगातार डरा-सहमा रहा और खुद को कुत्ते के काटने का शिकार बताता रहा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बच्चे का उपचार करने के साथ उसकी काउंसलिंग की। काफी देर समझाने और मानसिक रूप से शांत करने के बाद बच्चा सामान्य स्थिति में आया। इसके बाद उसे परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि कई बार व्यक्ति सपनों या मानसिक भय को वास्तविक मान बैठता है, जिससे वह असामान्य व्यवहार करने लगता है। बच्चे में भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिली। उन्होंने परिजनों को सलाह दी कि बच्चे को किसी अच्छे मनोचिकित्सक (साइकैट्रिस्ट) को भी दिखाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी माना कि आजकल बच्चों का अत्यधिक समय मोबाइल और इंटरनेट पर बीत रहा है। इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी बच्चों के लिए सकारात्मक हो, यह जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें स्वाध्याय और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना चाहिए। नाबालिग होने के कारण बच्चे की पहचान गोपनीय रखी गई है।


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