प्रवीण पांडे के नेतृत्व में बगौटी-डूंगरालेटी के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, डीएम ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा।
लोहाघाट। नेपाल सीमा से सटे बगौटी और डूंगरालेटी क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबे समय से उपेक्षित विकास संबंधी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण पांडे के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मनीष कुमार से मुलाकात कर क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि सीमा से जुड़े गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं से अपेक्षित लाभ नहीं प्राप्त कर सके हैं। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का विस्तार से उल्लेख करते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रवीण पांडे ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बगौटी और डूंगरालेटी क्षेत्र के लोग वर्षों से कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनके समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल की आवश्यकता है।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आश्वस्त किया कि मांगपत्र में शामिल सभी वास्तविक और जनहित से जुड़े मुद्दों का परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
जिलाधिकारी के सकारात्मक आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सीमा क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।
फोटो – जिलाधिकारी मनीष कुमार को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण पांडे एवं क्षेत्रीय ग्रामीण।
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