मॉडल जिला चंपावत को उच्च शिक्षा की बड़ी सौगात, विधानसभा से माँ पूर्णागिरि विश्वविद्यालय को मंजूरी।

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मुख्यमंत्री धामी के संकल्प को मिली नई उड़ान, पहाड़ के युवाओं को घर के नजदीक मिलेगी उच्च शिक्षा।

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चंपावत को मॉडल जिला बनाने के संकल्प को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी मजबूती मिली है। माँ पूर्णागिरि विश्वविद्यालय को विधानसभा से मंजूरी मिल गई है। इसे सीमांत चंपावत के शैक्षिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय की स्थापना से चंपावत सहित पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। अब पहाड़ के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए हल्द्वानी और देहरादून जैसे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।

विश्वविद्यालय को रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना है। यहां युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी ज्ञान और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर रहेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री धामी के मॉडल जिला चंपावत के विजन में शिक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। माँ पूर्णागिरि विश्वविद्यालय की मंजूरी से चंपावत की पहचान उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद बढ़ी है। अब क्षेत्रवासियों को विश्वविद्यालय की स्थापना और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने का इंतजार है।


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