लोहाघाट। जनपद चंपावत के बाराकोट ब्लॉक अंतर्गत मऊ (चौमेल) क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में गेहूं काट रही इंटरमीडिएट की छात्रा ज्योति अधिकारी पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया। घात लगाकर बैठे गुलदार ने पलक झपकते ही छात्रा को दबोच लिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। शांत खेतों के बीच हुई इस घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। परिजनों ने तुरंत उसे लोहाघाट अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए उपचार शुरू किया और गंभीर रूप से घायल छात्रा की जान बचाने में सफलता हासिल की। डॉक्टरों के अनुसार छात्रा अब खतरे से बाहर है, लेकिन बेहतर इलाज के लिए उसे जिला चिकित्सालय चंपावत रेफर किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रा का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की पूरी जानकारी लेते हुए सख्त निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट कहा कि छात्रा को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।
डीएम ने छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस कठिन समय में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
वहीं, वन विभाग को कड़े निर्देश जारी करते हुए डीएम ने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल प्रभाव से पिंजरा लगाया जाए, गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज की जाए। साथ ही, ग्रामीणों को सतर्क करते हुए खेतों और जंगल किनारे काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
घटना के बाद मऊ (चौमेल) सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही थीं, लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते अब इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गुलदार को पकड़कर क्षेत्र को भयमुक्त किया जाए।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में ग्रामीणों की बहादुरी और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
फोटो – गुलदार हमले में घायल छात्रा का हालचाल लेते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: गेहूं काट रही छात्रा पर मौत बनकर झपटा गुलदार, प्रशासन की फुर्ती से बची जिंदगी।
