‘खनन बना सरकार का एटीएम’, चुनावी रण से पहले खर्कवाल ने धामी सरकार को घेरा।
टनकपुर/चंपावत। विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ ही चंपावत की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विकास के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं जनता की मूलभूत सुविधाओं के बजाय खनन और राजनीतिक प्रबंधन तक सिमट गई हैं। जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतें आज भी मुंह बाए खड़ी हैं।
पत्रकारों से बातचीत में खर्कवाल ने लाधिया घाटी, चूका और चल्थी समेत विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे खनन को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में खनन सरकार के लिए ‘एटीएम’ बन चुका है। सरकार की नीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि व्यवस्था ‘खोदो, भेजो और पैसा कमाओ’ तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि खनन से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
टनकपुर अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण में 3.49 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का जिक्र करते हुए पूर्व विधायक ने कैग रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाती है तो अनियमितताओं की परतें खुल सकती हैं और तस्वीर इससे कहीं ज्यादा गंभीर सामने आ सकती है।
खर्कवाल ने कहा कि विपक्ष लगातार जनता से जुड़े सवाल सरकार के सामने रख रहा है, लेकिन जवाब देने के बजाय सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सत्ता पक्ष के समर्थक सरकार की कमियों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि आम जनता समस्याओं से जूझ रही है।
पूर्व विधायक ने कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत और शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए माइंड स्टोन पॉलिटेक्निक, पंचेश्वर पेयजल योजना, टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज और चंपावत नर्सिंग कॉलेज जैसी परियोजनाओं का श्रेय कांग्रेस सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जिले को जिस रफ्तार से विकास की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो सकी।
उन्होंने चंपावत में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को फिर जोरदार ढंग से उठाते हुए कहा कि पहाड़ के लोगों को आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मैदानी क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से ‘मॉडल जिला’ नहीं बनता, बल्कि धरातल पर सुविधाएं पहुंचानी पड़ती हैं।
खर्कवाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं है और जनता सब देख रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और खनन जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे और जनता अपने वोट के जरिए सरकार के कामकाज का हिसाब करेगी।
फोटो_पत्रकार वार्ता के दौरान सरकार पर तीखे सवाल उठाते कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल।
