पूर्णागिरि मंदिर से लेकर गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब तक आस्था के केंद्रों की कृपा—जनता बोली, “देवताओं ने चुना अपना प्रतिनिधि”
चंपावत। देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर जब आस्था और नेतृत्व का संगम होता है, तो इतिहास बनता है। ऐसा ही एक उदाहरण आज चंपावत जिले में देखने को मिल रहा है, जहां के लोग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को केवल एक जननेता नहीं, बल्कि देवी-देवताओं की विशेष कृपा से चुना गया प्रतिनिधि मान रहे हैं।
स्थानीय जानकारों और श्रद्धालुओं का मानना है कि मां पूर्णागिरि मंदिर, बालेश्वर महादेव मंदिर, गोलू देवता मंदिर, गुरु गोरखनाथ धाम, मां हिंगला देवी, मानेश्वर महादेव मंदिर, विश्वेश्वर महादेव मंदिर और मां बाराही धाम जैसे सिद्ध स्थलों की आध्यात्मिक ऊर्जा ही धामी को निरंतर आगे बढ़ने की शक्ति दे रही है। वहीं अद्वैत आश्रम मायावती, जहां स्वामी विवेकानंद का गहरा संबंध रहा है, तथा गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की आस्था भी इस नेतृत्व को मजबूती प्रदान कर रही है।
जनता का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी के साहसिक और ऐतिहासिक निर्णयों ने न केवल उत्तराखंड के विकास को नई दिशा दी है, बल्कि राज्य को कई संभावित संकटों से भी बचाया है। उनके निर्णयों में एक आध्यात्मिक दृष्टि और देवभूमि की मूल संस्कृति को संरक्षित करने का भाव स्पष्ट दिखाई देता है।
चंपावत जिले में तीर्थ स्थलों के कायाकल्प, दीपावली पर शिवालयों की बढ़ती भव्यता, तथा मानस खंड की अवधारणा के अनुरूप धार्मिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने के प्रयासों ने क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई दी है। मानेश्वर धाम में तीर्थ यात्रियों के लिए पड़ाव, भगवान शिव की सप्तकोशी परिक्रमा को पुनर्जीवित करने की पहल, और दूरस्थ धामों को जोड़ने की योजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सब कार्य केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक दिव्य योजना का हिस्सा हैं जिसके लिए स्वयं नियति ने पुष्कर सिंह धामी को चुना है। साधु-संतों की कृपा, बुजुर्गों का आशीर्वाद और जनता का विश्वास इन्हीं के बल पर धामी आज एक अलग और सशक्त पहचान बना चुके हैं। देवभूमि में यह विश्वास अब और गहरा हो चला है कि जब नेतृत्व पर देवताओं का “सुरक्षा कवच” हो, तो हर कदम इतिहास रचता है।
फोटो – देवभूमि चंपावत की आस्था के केंद्रों से जुड़ी आध्यात्मिक ऊर्जा—मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साहसिक नेतृत्व को मिल रहा देवी-देवताओं का आशीर्वाद, बराही धाम सहित 12 मंदिरों की शक्ति बना “पावर हाउस”
चंपावत: देवभूमि की आस्था का आशीर्वाद: चंपावत से उठी शक्ति, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साहसिक फैसलों की गूंज।
