नरियालगांव में बनेगा आधुनिक कृषि कॉलेज, शोध, नवाचार और किसानों के प्रशिक्षण का बनेगा केंद्र।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद जनपद चम्पावत में प्रस्तावित कृषि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर प्रशासन ने तेज़ी दिखानी शुरू कर दी है। विकासखंड चम्पावत के नरियालगांव में लगभग 600 नाली भूमि का चिन्हीकरण कर लिया गया है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए महाविद्यालय की संरचना, पाठ्यक्रम और दीर्घकालिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने स्थानीय कृषि परिस्थितियों, फसलों और आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखते हुए संस्थान विकसित करने पर जोर दिया।
प्रस्तावित योजना के अनुसार महाविद्यालय परिसर को तीन प्रमुख जोनों में विकसित किया जाएगा। एकेडमिक जोन में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवन और प्रशासनिक भवन बनाए जाएंगे, जबकि अन्य दो जोनों में छात्रावास और आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं और स्टाफ को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि डिजाइन तैयार करते समय भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाए। साथ ही परिसर में ऑडिटोरियम, इन्क्यूबेशन सेंटर, कंप्यूटर सेंटर, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं भी शामिल की जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि कृषि नवाचार, स्टार्टअप्स और किसानों के प्रशिक्षण का भी प्रमुख हब बनेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप देकर शासन को भेजा जाए, ताकि स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।
फोटो – कृषि महाविद्यालय स्थापना को लेकर समीक्षा बैठक लेते जिलाधिकारी मनीष कुमार एवं अन्य अधिकारी।
चंपावत में कृषि महाविद्यालय स्थापना को मिली रफ्तार 600 नाली भूमि चिन्हित।
