चंपावत: स्वाला डेंजर जोन का स्थायी समाधान, अब 24 घंटे आसान होगा राष्ट्रीय-राजमार्ग का सफर।

Share This Post

सीएम धामी के संकल्प और डीएम मनीष कुमार की जमीनी मॉनिटरिंग से वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान।

चंपावत। पहाड़ की लाइफलाइन कहे जाने वाले टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वर्षों से यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना स्वाला डेंजर जोन अब सुगम जोन में तब्दील हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और जिला प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग से स्वाला में सुधारीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इसके साथ ही अब इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन-रात 24 घंटे यातायात निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगा। स्वाला में बरसात शुरू होते ही पहाड़ से गिरता मलबा और भूस्खलन यात्रियों के लिए आफत बन जाता था। सड़क बंद होने से चम्पावत और पिथौरागढ़ का संपर्क प्रभावित होता था और कई बार यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। सबसे बड़ी परेशानी रात में सामने आती थी, जब सुरक्षा कारणों से वाहनों को रात आठ बजे के बाद टनकपुर अथवा पिथौरागढ़ में रोकना पड़ता था। अब इस व्यवस्था से लोगों को स्थायी राहत मिलने जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वाला की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान को प्राथमिकता में रखा। मुख्यमंत्री के लगातार निर्देशों और कार्य की निगरानी के परिणामस्वरूप संवेदनशील जोन में सुरक्षात्मक कार्यों को पूरा किया गया। अब निर्माण संबंधी अवरोध समाप्त होने से यात्रियों को सुरक्षित और सुगम सफर का लाभ मिलेगा।

बॉक्स_

डीएम की लगातार निगरानी बनी गेमचेंजर।

स्वाला डेंजर जोन के स्थायी समाधान में जिलाधिकारी मनीष कुमार की सक्रिय भूमिका भी अहम रही। डीएम ने पिछले एक वर्ष से कार्य की लगातार जमीनी निगरानी की और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के साथ समन्वय बनाकर काम में तेजी बनाए रखी। प्रशासन की सतर्कता और नियमित मॉनिटरिंग के चलते वर्षों से उलझी समस्या अब समाधान तक पहुंच सकी है।

स्वाला का समाधान होने से अब टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात आठ बजे के बाद वाहनों को रोकने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। इससे सबसे अधिक राहत आपातकालीन सेवाओं, मरीजों, मालवाहक वाहनों, व्यापारियों और दूरदराज के क्षेत्रों में आवागमन करने वाले यात्रियों को मिलेगी। सीमांत जनपदों के लिए यह केवल सड़क का सुधार नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित सफर और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।


वर्ष 2014 से पहले चंपावत से टनकपुर की दूरी तय करने में चार से पांच घंटे तक लगते थे। वर्ष 2017 में ऑल वेदर रोड परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया। हालांकि स्वाला डेंजर जोन अब तक इस मार्ग की सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था। इसके स्थायी समाधान के बाद अब पहाड़ की इस लाइफलाइन पर सफर और आसान होने की उम्मीद है।

क्षेत्र की जनता और जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिला प्रशासन का आभार जताया है।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय, दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराना, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, शंकर पांडे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष कैलाश अधिकारी, केएमवीएन निदेशक रोहित बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बाइट_जिलाधिकारी मनीष कुमार

Share This Post