चंपावत: गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वाल्मीकि मंदिर में श्रद्धा का संगम, गुरु वंदना के साथ दिया सेवा व संस्कार का संदेश।

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चंपावत। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर महर्षि भगवान वाल्मीकि मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। गुरु वंदना, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद चंपावत की अध्यक्ष प्रेमा पांडे ने दीप प्रज्वलित कर तथा महर्षि भगवान वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना गया है। गुरु ही अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि आदिकवि महर्षि भगवान वाल्मीकि का जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। रामायण की रचना कर उन्होंने मानवता को सत्य, धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का अमर संदेश दिया।
इस दौरान मंदिर परिसर में गुरु वंदना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। नगर पालिका अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं के बीच फल वितरित कर सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए गुरु परंपरा का स्मरण किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और गुरु महिमा के जयघोष से गुंजायमान रहा।

फोटो_ गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर गुरु परंपरा, संस्कार और सेवा भाव का संदेश दिया।


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