चंपावत: नशे के सौदागारों पर पुलिस का शिकंजा, 1.490 किलोग्राम चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार।

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नशा किसी एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार की खुशियां निगल जाता है- एसपी रेखा यादव।

चंपावत।  पहाड़ में पैर पसार रहे नशे के कारोबार पर चंपावत पुलिस ने एक बार फिर बड़ा प्रहार किया है। लोहाघाट क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने देवीधार-पंचेश्वर मोटर मार्ग पर चेकिंग अभियान के दौरान पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1.490 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस का दावा है कि बरामद चरस स्थानीय स्तर पर तैयार की गई थी और उसे ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।  मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आयुष चंद्र आर्य निवासी छतार, चंपावत और सौरव टम्टा निवासी नसखोला, पंचेश्वर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की है। दोनों के खिलाफ लोहाघाट थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसपी रेखा यादव ने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बादी के रास्ते पर ले जाता है। माता-पिता के सपने टूट जाते हैं, परिवार बिखर जाते हैं और समाज की नींव कमजोर हो जाती है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यदि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती रही तो इसके दुष्परिणाम पूरे देश को भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ बिना किसी भय के पुलिस को सूचना दें, ताकि इस जाल को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

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पांच महीने में 56 तस्कर सलाखों के पीछे।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से लेकर 31 जुलाई तक जिले में नशे से जुड़े 41 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 5.215 किलोग्राम चरस, 903.6 ग्राम स्मैक, 3.728 किलोग्राम गांजा, 391 नशीले इंजेक्शन और 1,968 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। इन सभी मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत दो करोड़ 91 लाख 18 हजार 600 रुपये आंकी गई है।

तस्करों से आगे, अब पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर।

चंपावत पुलिस अब नशे की खेप तैयार करने वालों, तस्करों, सप्लायरों और खरीदारों तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल गिरफ्तारियां करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ना ही इस लड़ाई में सबसे बड़ी जीत होगी।

फोटो_पकड़ी गई चरस की जानकारी देती एसपी रेखा यादव साथ में पकड़े गए आरोपी व पुलिस,एसओजी टीम।


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