

तीन महीने में पूरा होगा मरम्मत का काम, डीएम मनीष कुमार ने गुणवत्ता पर दिया जोर।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और जर्जर विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के करीब 30 जर्जर विद्यालयों के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए ढाई करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रशासन ने तीन महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि विद्यालयों की जरूरत के अनुसार धनराशि का आवंटन कर दिया गया है। ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से विद्यालयों के भवनों की मरम्मत और आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।
डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। कार्यों की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में जीर्णोद्धार पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी की मंशा के अनुरूप प्रशासन का लक्ष्य जिले के विद्यालयों को सुरक्षित और बेहतर बनाकर शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। अब तीन महीने की तय समयसीमा में जर्जर विद्यालयों की तस्वीर बदलने की चुनौती विभाग के सामने है।
फोटो_मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।



