14 लाख की आधुनिक कैन्टीन बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल, स्थानीय उत्पादों को भी मिलेगा बाजार।
लोहाघाट। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार की सोच अब जनपद चंपावत में धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के मार्गदर्शन में तहसील परिसर लोहाघाट में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कैन्टीन का शुभारम्भ किया गया, जिसका संचालन अब “उड़ान स्वयं सहायता समूह, मंगोली” की महिलाएं संभालेंगी।
तहसील परिसर में शुरू हुई यह कैन्टीन केवल चाय-नाश्ते तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक रोजगार का मजबूत मंच बनेगी। कैन्टीन का शुभारम्भ उपजिलाधिकारी नीतू डागर द्वारा किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा कैन्टीन निर्माण एवं अनुरक्षण कार्य के लिए कुल 14 लाख 41 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जबकि निर्माण एवं अनुरक्षण कार्य लोक निर्माण विभाग लोहाघाट द्वारा कराया गया।
“उड़ान स्वयं सहायता समूह” की अध्यक्ष विमला देवी के नेतृत्व में छह महिलाएं इस कैन्टीन में कार्य कर रही हैं। यहां आमजन और कर्मचारियों के लिए चाय, नाश्ता, भोजन और जलपान की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही समूह द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को भी बिक्री के लिए रखा गया है। इनमें शुद्ध घी, मसाले, हैंडवॉश, ऐपण आर्ट, आंवला कैंडी सहित कई पारंपरिक और घरेलू उत्पाद शामिल हैं।
इस पहल से जहां स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा, वहीं ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ने के साथ उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
शुभारम्भ अवसर पर उपजिलाधिकारी नीतू डागर ने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रहे हैं। प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
वहीं जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ समाज में महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास को नई पहचान देंगी।
फोटो लोहाघाट तहसील परिसर में आधुनिक कैन्टीन का शुभारम्भ करतीं उपजिलाधिकारी नीतू डागर एवं “उड़ान स्वयं सहायता समूह” की महिलाएं।
चंपावत: लोहाघाट तहसील में महिलाओं की ‘उड़ान’, स्वयं सहायता समूह को मिला आत्मनिर्भरता का नया आसमान।

