

चंपावत। सड़क हादसे या आपदा में घायल की मदद के लिए अब एक कदम आगे बढ़ाना सिर्फ इंसानियत नहीं, बल्कि सम्मान और पुरस्कार का भी हकदार बनाएगा। भारत सरकार की ‘राहवीर’ योजना के तहत दुर्घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचकर घायलों को सुरक्षित निकालने, अस्पताल पहुंचाने और पुलिस को राहत कार्य में सहयोग करने वाले मददगारों को ₹25 हजार नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
पहाड़ में अक्सर हादसों के बाद घायलों की मदद करने से लोग पुलिस पूछताछ और कानूनी झंझट के डर से पीछे हट जाते थे। अब सरकार ने ऐसे नेक काम को प्रोत्साहन देने की पहल की है। योजना का उद्देश्य हादसे के बाद ‘तमाशबीन’ नहीं, मददगार बनने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने योजना को मानव जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि विपत्ति में फंसे व्यक्ति की मदद करने वाला हर पात्र नागरिक सम्मान का हकदार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दुर्घटना के समय घायलों की मदद के लिए बेझिझक आगे आएं और पात्र राहवीरों की जानकारी पुलिस व परिवहन विभाग को दें।
एआरटीओ मनोज बगौरिया ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले घायलों के रेस्क्यू, उन्हें अस्पताल पहुंचाने अथवा चिकित्सा सहायता दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले व्यक्ति ‘राहवीर’ पुरस्कार के पात्र होंगे। इसकी पुष्टि मौके पर पहुंचने वाले संबंधित पुलिस अधिकारी करेंगे। एक से अधिक राहवीर होने पर ₹25 हजार की राशि समान रूप से बांटी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रकरण के लिए ₹1 लाख तक के पुरस्कार का भी प्रावधान है।
फोटो_जिलाधिकारी मनीष कुमार।




