

एसएसबी, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम करेगी स्थलीय पड़ताल; संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल सूचना का निर्देश
चंपावत। नेपाल सीमा से सटे चंपावत में सीमा सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निगरानी और समन्वय को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। शुक्रवार को सीमा संबंधी मुद्दे एवं कार्रवाई समिति (BIAC) की बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी के साथ सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के निर्देश दिए।
बैठक में नो-मैन्स लैंड से जुड़े क्षेत्रों का संयुक्त स्थलीय सत्यापन प्रमुख मुद्दा रहा। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी टनकपुर को एसएसबी, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर संबंधित क्षेत्रों का मौके पर सर्वे कराने तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सीमा से संबंधित सूचनाओं और आंकड़ों को लगातार अपडेट रखने तथा किसी भी असामान्य या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित सुरक्षा एजेंसी तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा में एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित सूचना तंत्र बेहद जरूरी है।
बैठक में सीमा-पार अपराध, अवैध तस्करी, जाली दस्तावेज और साइबर अपराध जैसी बदलती चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अपराध की प्रवृत्तियों की समीक्षा और निवारक कार्रवाई के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
सीमा सुरक्षा के साथ सीमा स्तंभों के रखरखाव, सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास योजनाओं, आर्थिक एवं वित्तीय गतिविधियों तथा सामाजिक और जनसांख्यिकीय बदलावों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने सीमा प्रबंधन को व्यापक और समन्वित व्यवस्था के रूप में मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, एसएसबी 57वीं वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार यादव, एसएसबी 5वीं वाहिनी के कमांडेंट सुदेश कुमार, बीएसएनएल के डीई आशीष कुमार समेत विभिन्न विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी टनकपुर सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
फोटो_बैठक में अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।




